Sunday, February 7, 2016

1 लाख 63 हजार करोड़ के घोटाले में फंसी कंपनी ने अरविंद केजरीवाल को बनाया इंडियन ऑफ द ईयर

संदीप देव, नई दिल्‍ली। अन्‍ना हजारे से अलग होने के बाद अरविंद केजरीवाल के प्रथम उभार की कहानी सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी है। रॉबर्ट वाड्रा के जिस जमीन घोटाले पर प्रेस वार्ता कर अरविंद केजरीवाल हीरो बने थे, आज उससे भी बड़े और दिल्‍ली के सबसे बड़े जमीन घोटाले में फंसी कंपनी के पैसे से उन्‍होंने 'इंडियन ऑफ द ईयर' का पुरस्‍कार हासिल किया है। अरविंद केजरीवाल ने रॉबर्ट वाड्रा के केवल 300 करोड़ रुपए के घोटाले की खबर खोली थी, लेकिन जिस जीएमआर कंपनी के पैसे से उन्‍हें राजदीप सरदेसाई के नेतृत्‍व वाली सीएनएन-आईबीएन ने साल का बेहतरीन भारतीय चुना है, वह 1 लाख 63 हजार करोड़ रुपए के जमीन घोटाले में फंसी है! और हां, यह घोटाला किसी निजी व्‍यक्ति या संस्‍था के केवल आरोप पर आधारित नहीं है, बल्कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक(सीएजी) ने 17 अगस्‍त 2012 को देश की संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में इस जमीन घोटाले का पर्दाफाश किया था। और हद देखिए कि बड़ी चालाकी से सीएनएन-आईबीएन ने उसी पूर्व सीएसजी विनोद राय से अरविंद केजरीवाल को पुरस्‍कार दिलवाया, जिनके कार्यकाल में यह घोटाला खुला था! सीएनएन-आईबीएन का मकसद ईमानदार विनोद राय के समकक्ष 'स्‍वघोषित ईमानदार' अरविंद केजरीवाल को खड़ा करने का था! आश्‍चर्य यह भी है कि इस पर किसी की नजर भी नहीं गई!

'साजिश की कहानी-तथ्‍यों की जुबानी' : संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें:
Read full story at aadhiabadi.in