Wednesday, March 9, 2016

गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे

फैजाबाद में कोर्ट के आदेश पर गुमनामी बाबा के अंतिम दो बक्से भी खुले, मिले सामानों से पुख्ता हुआ दावा,  सामानों में हॉलैंड का बना रेडियो, दो ग्रामोफोन, जर्मनी में बने दूरबीन भी मिले हैं, जो युद्ध के समय में आता है काम। 24 बक्सों में रखी हैं  2710 वस्तुएं
Subhash-Chandra-Bhosh
फैजाबाद। फैजाबाद ट्रेजरी में पिछले 30 सालों से रखे गए गुमनामी बाबा का 23वां व आखिरी 24वां बक्सा भी खुल गया। अभी तक इस बक्से में 150 सामान निकले हैं। न सामानों से करीब-करीब साफ हो गया है कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे। हालांकि, मुखर्जी कमीशन ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा है कि फैजाबाद के भगवनजी या गुमनामी बाबा  और नेताजी सुभाषचंद्र बोस में काफी समानताएं थीं। कुछ का यह दावा है कि गुमनामी बाबा ही नेताजी सुभाषचंद्र बोस थे। जो विदेशी सामान मिले हैं, उससे स्पष्ट है कि एक साधु या संत का इन सामानों से कोई वास्ता नहीं हो सकता।
इन सामानों में हॉलैंड का बना रेडियो, दो ग्रामोफोन, दूरबीन भी मिले है। जर्मनी मेड इस दूरबीन का युद्ध में इस्तेमाल किया जाता है। जापान की क्रॉकरी भी मिली है। इंग्लैंड का टाइप राइटर मिला है। अभी इन सामानों को सावर्जनिक नहीं किया  गया है।
23वां व 24वां ये वो दो अंतिम बक्से हैं, जो बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन सामानों को मुखर्जी आयोग नेताजी सुभाषचन्द्र बोस की जांच के लिए अपने साथ ले गए थे और वापस ट्रेजरी में रखा गया था। इन बक्सों से नेताजी से संबंधित कई महत्वपूर्ण सामान निकलने की संभावना है।
इसके साथ ही, इन सामानों में नेताजी सुभाषचन्द्र बोस के जन्मदिन की कुछ तस्वीरें भी मिलीं हैं। अन्य कई ऐसे सामान मिले हैं, जो नेताजी को गुमनामी बाबा से जोड़ते हैं। मुखर्जी आयोग के सदस्य जब जांच के लिए आए थे तो वो दो बक्सों में गुमनामी बाबा के 900 वस्तुओं को लेकर गए थे। जिसमें आईएनए की वर्दी, गोल फ्रेम का चश्मा, रोलेक्स की घड़ी समेत अन्य सामान शामिल है।
फैजाबाद ट्रेजरी में रखा गुमनामी बाबा के बक्से, जिसमें मिले सामान की जांच करते अधिकारी।
गुमनामी बाबा 

फैज़ाबाद के राम भवन में रहने वाले गुमनामी बाबा कौन थे। इस प्रश्न का जवाब आज भी नहीं मिल पाया है। रहस्य से भरे गुमनामी बाबा के सामानों से उनका रहस्य और गहराता जा रहा है। क्या गुमनामी बाबा एक संत थे? अगर यह संत थे तो उनके सामानों से विदेशी वस्तुएं क्यों निकल रही हैं। क्या कोई संत युद्ध में प्रयोग होने वाली वस्तुओं को रखेगा। लोग इन्हें पहले भगवनजी और बाद में गुमनामी बाबा कहने लगे थे।
इन सामानों को अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा 
गुमनामी बाबा से जुड़ी सभी वस्तुएं करीब 30 साल से फैजाबाद कोषागार के डबल लॉक में रखी हैं। इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर इन्हें अयोध्या स्थित अंतरराष्ट्रीय राम कथा संग्रहालय में प्रदर्शनी के लिए रखा जाना है। कुल 24 बक्सों में रखी वस्तुओं की संख्या 2710 है। अदालत के आदेश से ये वस्तुएं अब अयोध्या में बने इंटरनेशनल रामकथा म्यूजियम में रखी जाएगी। फैजाबाद के राम भवन के मालिक शक्ति सिंह कि याचिका पर सामानों की शिफ्टिंग का काम हो रहा है।