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Saturday, October 10, 2015

India's pseudo secularism- Hindus are enemy of Hindus

In April 2003, Late Jagjit Singh along with singer Abhijeet had met the then Dy PM LK Advani to demand ban on Pakistani singers performing in India.

"The Indian high commission in Pakistan invited me for the Republic Day celebrations in 1980. That was the only time I performed there. An ISI agent kept an eye on us and, after 15 days, we were told to pack up and leave. It was only when I was leaving Pakistan that I realized the man was a senior ISI officer -- everyone saluted him when he came to see me off," Singh added.

"While Pakistan-sponsored terrorists were gunning down innocents in Kashmir and carrying out massacres, Indian television channels were busy airing songs of Pakistani singers"
Singh added.
Now it is upto all of us to decide whether to support Jagjit Singh or the Pakistani Singers.


Some Celebrities crib about a Problem.
Some celebrities use a problem to get Famous
But there are people who extend a helping hand without much ado.
Good job Akshay for helping our farmers.

 Hindu Terror !! Hindu Terror !!
Oh wait, let us first take some efforts to know the truth.

Two days ago, there was a news all over the media that a mob killed a man from peace loving community simply because he ate beef.

Turns out, the man was actually accused of stealing a cow and calf. When villagers went to check his home, they found remains of calf. This made mob angry and they beat him by which the man died.

We do not support mob justice. But we also oppose Media trail.
Dear Prestitutes, please come prepared next time

 While the bollywood is desperate to prove that the faith of India's 70% population is 'wrong number', the real life experiences of people have a different tale to tell.
Steve jobs is said to have visited India and traveled in pursuit of spiritual guidance which he did get eventually. The guidance helped shape his vision for his company, Apple- a company that revolutionised the way world looked at personal computing.
When Mark Zuckerberg was going through difficult times in early days of his company Facebook, he visited his mentor Jobs for advice. Jobs asked him to travel to India and visit the temple he used to visit. Zuckerberg did as adviced and recently, in a conversation with PM Narendra Modi, revealed how it helped him find hie way back to his mission for his company and turn it into one of the biggest success of the silicon valley.

Going to temples is a matter of faith, those who possess it in their heart find what they go looking for. Those who are full of doubt, ego or other wrong intentions, will inevitably draw blanks.

But then, ridiculing this faith? of course.. our film industry the p-intellectuals, the leftists, the anti-indic forces are at it for decades and centuries.
As a result, it takes someone from west to come and narrate their stories, or we in India continue seeing our own roots as frivolous.
That's India we live in.

In an unexpected move, UN has chosen Saudi Arabia to head Human Rights Council Panel.
Its not only funny but also a tragic move given a fact that Saudi Arabia has arguably the worst record in the world on freedoms for women, minorities and dissidents.

For instance, women in Saudi do not have driving rights and they can not go anywhere without a male guardian. In one extreme case, a teenager reported that she had been gang-raped, but because she was not with a mahram when it occurred, she was punished by the court. The victim was given more lashes than one of her alleged rapists received.

When lakhs of Syrian refugees were seeking shelter, Saudi Arabia did not let a single one to enter their nation even though the refugees were of same faith. Saudi did however offered to build mosques for refugees in Germany.

Saudi Arabia also funds Wahabism across the world to spread Islam.
And talking about Islam, Saudi Arabia is governed by Sharia Law. A single insult to Quran can lead to death sentence. And all these are the qualities which UN saw in Saudi Arabia after which they decided to make Saudi a head of Human Rights Council Panel when Saudi itself has no Human Rights for their own people.

Friday, October 2, 2015

भारतीय मुसल्मानों के हिन्दु पूर्वज मुसलमान कैसे बने?

भारतीय मुसल्मानों के हिन्दु पूर्वज मुसलमान कैसे बने?

इस तथ्य को सभी स्वीकार करते हैं कि लगभग 99 प्रतिशत भारतीय मुसलमानों के पूर्वज हिन्दू थे। वह स्वधर्म को छोड़ कर कैसे मुसलमान हो गये?अधिकांश हिन्दू मानते हैं कि उनको तलवार की नोक पर मुसलमान बनाया गया अर्थात्‌ वे स्वेच्छा से मुसलमान नहीं बने। मुसलमान इसका प्रतिवाद करते हैं। उनका कहना है कि इस्लाम का तो अर्थ ही शांति का धर्म है। बलात धर्म परिवर्तन की अनुमति नहीं है। यदि किसी ने ऐसा किया अथवा करता है तो यह इस्लाम की आत्मा के विरुद्ध निंदनीय कृत्य है। अधिकांश हिन्दू मुसलमान इस कारण बने कि उन्हें अपने दम घुटाऊ धर्म की तुलना में समानता का सन्देश देने वाला इस्लाम उत्तम लगा।

इस लेख में हम इस्लमिक आक्रान्ताओं के अत्याचारों को सप्रमाण देकर यह सिद्ध करेंगे की भारतीय मुसलमानों के पूर्वज हिन्दू थे एवं उनके पूर्वजों पर इस्लामिक आक्रान्ताओं ने अनेक अत्याचार कर उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन के लिए विवश किया था। अनेक मुसलमान भाइयों का यह कहना हैं कि भारतीय इतिहास मूलत: अंग्रेजों द्वारा रचित हैं। इसलिए निष्पक्ष नहीं है। यह असत्य है। क्यूंकि अधिकांश मुस्लिम इतिहासकार आक्रमणकारियों अथवा सुल्तानों के वेतन भोगी थे। उन्होंने अपने आका की अच्छाइयों को बढ़ा-चढ़ाकर लिखना एवं बुराइयों को छुपाकर उन्होंने अपनी स्वामी भक्ति का भरपूर परिचय दिया हैं। तथापि इस शंका के निवारण के लिए हम अधिकाधिक मुस्लिम इतिहासकारों के आधार पर रचित अंग्रेज लेखक ईलियट एंड डाउसन द्वारा संगृहीत एवं प्रामाणिक समझी जाने वाली पुस्तकों का इस लेख में प्रयोग करेंगे।

भारत पर 7वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन क़ासिम से लेकर 18वीं शताब्दी में अहमद शाह अब्दाली तक करीब 1200 वर्षों में अनेक आक्रमणकारियों ने हिन्दुओं पर अनगिनत अत्याचार किये। धार्मिक, राजनैतिक एवं सामाजिक रूप से असंगठित होते हुए भी हिन्दू समाज ने मतान्ध अत्याचारियों का भरपूर प्रतिकार किया। सिंध के राजा दाहिर और उनके बलिदानी परिवार से लेकर वीर मराठा पानीपत के मैदान तक अब्दाली से टकराते रहे। आक्रमणकारियों का मार्ग कभी भी निष्कंटक नहीं रहा अन्यथा सम्पूर्ण भारत कभी का दारुल इस्लाम (इस्लामिक भूमि) बन गया होता। आरम्भ के आक्रमणकारी यहाँ आते, मारकाट -लूटपाट करते और वापिस चले जाते। बाद की शताब्दियों में उन्होंने न केवल भारत को अपना घर बना लिया अपितु राजसत्ता भी ग्रहण कर ली। इस लेख में हम कुछ आक्रमणकारियों जैसे मौहम्मद बिन कासिम,महमूद गजनवी, मौहम्मद गौरी और तैमूर के अत्याचारों की चर्चा करेंगे।

मौहम्मद बिन कासिम

भारत पर आक्रमण कर सिंध प्रान्त में अधिकार प्रथम बार मुहम्मद बिन कासिम को मिला था।उसके अत्याचारों से सिंध की धरती लहूलुहान हो उठी थी। कासिम से उसके अत्याचारों का बदला राजा दाहिर की दोनों पुत्रियों ने कूटनीति से लिया था।

1. प्रारंभिक विजय के पश्चात कासिम ने ईराक के गवर्नर हज्जाज को अपने पत्र में लिखा-'दाहिर का भतीजा, उसके योद्धा और मुख्य मुख्य अधिकारी कत्ल कर दिये गये हैं। हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित कर लिया गया है, अन्यथा कत्ल कर दिया गया है। मूर्ति-मंदिरों के स्थान पर मस्जिदें खड़ी कर दी गई हैं। अजान दी जाती है। [i]

2. वहीँ मुस्लिम इतिहासकार आगे लिखता है- 'मौहम्मद बिन कासिम ने रिवाड़ी का दुर्ग विजय कर लिया। वह वहाँ दो-तीन दिन ठहरा। दुर्ग में मौजूद 6000 हिन्दू योद्धा वध कर दिये गये, उनकी पत्नियाँ, बच्चे, नौकर-चाकर सब कैद कर लिये (दास बना लिये गये)। यह संख्या लगभग 30 हजार थी। इनमें दाहिर की भानजी समेत 30 अधिकारियों की पुत्रियाँ भी थी[ii]

महमूद गजनवी

मुहम्मद गजनी का नाम भारत के अंतिम हिन्दू सम्राट पृथ्वी राज चौहान को युद्ध में हराने और बंदी बनाकर अफगानिस्तान लेकर जाने के लिए प्रसिद्द है। गजनी मजहबी उन्माद एवं मतान्धता का जीता जागता प्रतीक था।

1. भारत पर आक्रमण प्रारंभ करने से पहले इस 20 वर्षीय सुल्तान ने यह धार्मिक शपथ ली कि वह प्रति वर्ष भारत पर आक्रमण करता रहेगा, जब तक कि वह देश मूर्ति और बहुदेवता पूजा से मुक्त होकर इस्लाम स्वीकार न कर ले। अल उतबी इस सुल्तान की भारत विजय के विषय में लिखता है-'अपने सैनिकों को शस्त्रास्त्र बाँट कर अल्लाह से मार्ग दर्शन और शक्ति की आस लगाये सुल्तान ने भारत की ओर प्रस्थान किया। पुरुषपुर (पेशावर) पहुँचकर उसने उस नगर के बाहर अपने डेरे गाड़ दिये[iii]

2. मुसलमानों को अल्लाह के शत्रु काफिरों से बदला लेते दोपहर हो गयी। इसमें 15000 काफिर मारे गये और पृथ्वी पर दरी की भाँति बिछ गये जहाँ वह जंगली पशुओं और पक्षियों का भोजन बन गये। जयपाल के गले से जो हार मिला उसका मूल्य 2 लाख दीनार था। उसके दूसरे रिद्गतेदारों और युद्ध में मारे गये लोगों की तलाशी से 4 लाख दीनार का धन मिला। इसके अतिरिक्त अल्लाह ने अपने मित्रों को 5 लाख सुन्दर गुलाम स्त्रियाँ और पुरुष भी बखशो[iv]

3. कहा जाता है कि पेशावर के पास वाये-हिन्द पर आक्रमण के समय महमूद ने महाराज जयपाल और उसके 15 मुख्य सरदारों और रिश्तेदारों को गिरफ्तार कर लिया था। सुखपाल की भाँति इनमें से कुछ मृत्यु के भय से मुसलमान हो गये। भेरा में, सिवाय उनके, जिन्होंने इस्लाम स्वीकार कर लिया, सभी निवासी कत्ल कर दिये गये। स्पष्ट है कि इस प्रकार धर्म परिवर्तन करने वालों की संखया काफी रही होगी[v]

4. मुल्तान में बड़ी संख्या में लोग मुसलमान हो गये। जब महमूद ने नवासा शाह पर (सुखपाल का धर्मान्तरण के बाद का नाम) आक्रमण किया तो उतवी के अनुसार महमूद द्वारा धर्मान्तरण का अभूतपूर्व प्रदर्शन हुआ[vi]। काश्मीर घाटी में भी बहुत से काफिरों को मुसलमान बनाया गया और उस देश में इस्लाम फैलाकर वह गजनी लौट गया[vii]

5. उतबी के अनुसार जहाँ भी महमूद जाता था, वहीं वह निवासियों को इस्लाम स्वीकार करने पर मजबूर करता था। इस बलात्‌ धर्म परिवर्तन अथवा मृत्यु का चारों ओर इतना आतंक व्याप्त हो गया था कि अनेक शासक बिना युद्ध किये ही उसके आने का समाचार सुनकर भाग खड़े होते थे। भीमपाल द्वारा चाँद राय को भागने की सलाह देने का यही कारण था कि कहीं राय महमूद के हाथ पड़कर बलात्‌ मुसलमान न बना लिया जाये जैसा कि भीमपाल के चाचा और दूसरे रिश्तेदारों के साथ हुआ था[viii]

6. 1023 ई. में किरात, नूर, लौहकोट और लाहौर पर हुए चौदहवें आक्रमण के समय किरात के शासक ने इस्लाम स्वीकार कर लिया और उसकी देखा-देखी दूसरे बहुत से लोग मुसलमान हो गये। निजामुद्‌दीन के अनुसार देश के इस भाग में इस्लाम शांतिपूर्वक भी फैल रहा था, और बलपूर्वक भी`[ix]। सुल्तान महमूद कुरान का विद्वान था और उसकी उत्तम परिभाषा कर लेता था। इसलिये यह कहना कि उसका कोई कार्य इस्लाम विरुद्ध था, झूठा है।

7. हिन्दुओं ने इस पराजय को राष्ट्रीय चुनौती के रूप में लिया। अगले आक्रमण के समय जयपाल के पुत्र आनंद पाल ने उज्जैन, ग्वालियर, कन्नौज, दिल्ली और अजमेर के राजाओं की सहायता से एक बड़ी सेना लेकर महमूद का सामना किया। फरिश्ता लिखता है कि 30,000 खोकर राजपूतों ने जो नंगे पैरों और नंगे सिर लड़ते थे, सुल्तान की सेना में घुस कर थोड़े से समय में ही तीन-चार हजार मुसलमानों को काट कर रख दिया। सुल्तान युद्ध बंद कर वापिस जाने की सोच ही रहा था कि आनंद पाल का हाथी अपने ऊपर नेपथा के अग्नि गोले के गिरने से भाग खड़ा हुआ। हिन्दू सेना भी उसके पीछे भाग खड़ी हुई[x]

8. सराय (नारदीन) का विध्वंस- सुल्तान ने (कुछ समय ठहरकर) फिर हिन्द पर आक्रमण करने का इरादा किया। अपनी घुड़सवार सेना को लेकर वह हिन्द के मध्य तक पहुँच गया। वहाँ उसने ऐसे-ऐसे शासकों को पराजित किया जिन्होंने आज तक किसी अन्य व्यक्ति के आदेशों का पालन करना नहीं सीखा था। सुल्तान ने उनकी मूर्तियाँ तोड़ डाली और उन दुष्टों को तलवार के घाट उतार दिया। उसने इन शासकों के नेता से युद्ध कर उन्हें पराजित किया। अल्लाह के मित्रों ने प्रत्येक पहाड़ी और वादी को काफिरों के खून से रंग दिया और अल्लाह ने उनको घोड़े, हाथियों और बड़ी भारी संपत्ति मिली[xi]

9. नंदना की विजय के पश्चात् सुल्तान लूट का भारी सामान ढ़ोती अपनी सेना के पीछे-पीछे चलता हुआ, वापिस लौटा। गुलाम तो इतने थे कि गजनी की गुलाम-मंडी में उनके भाव बहुत गिर गये। अपने (भारत) देश में अति प्रतिष्ठा प्राप्त लोग साधारण दुकानदारों के गुलाम होकर पतित हो गये। किन्तु यह तो अल्लाह की महानता है कि जो अपने महजब को प्रतिष्ठित करता है और मूति-पूजा को अपमानित करता है[xii]

10. थानेसर में कत्ले आम- थानेसर का शासक मूर्ति-पूजा में घोर विश्वास करता था और अल्लाह (इस्लाम) को स्वीकार करने को किसी प्रकार भी तैयार नहीं था। सुल्तान ने (उसके राज्य से) मूर्ति पूजा को समाप्त करने के लिये अपने बहादुर सैनिकों के साथ कूच किया। काफिरों के खून से, नदी लाल हो गई और उसका पानी पीने योग्य नहीं रहा। यदि सूर्य न डूब गया होता तो और अधिक शत्रु मारे जाते। अल्लाह की कृपा से विजय प्राप्त हुई जिसने इस्लाम को सदैव-सदैव के लिये सभी दूसरे मत-मतान्तरों से श्रेष्ठ स्थापित किया है, भले ही मूर्ति पूजक उसके विरुद्ध कितना ही विद्रोह क्यों न करें। सुल्तान, इतना लूट का माल लेकर लौटा जिसका कि हिसाब लगाना असंभव है। स्तुति अल्लाह की जो सारे जगत का रक्षक है कि वह इस्लाम और मुसलमानों को इतना सम्मान बख्शता है[xiii]

11. अस्नी पर आक्रमण- जब चन्देल को सुल्तान के आक्रमण का समाचार मिला तो डर के मारे उसके प्राण सूख गये। उसके सामने साक्षात मृत्यु मुँह बाये खड़ी थी। सिवाय भागने के उसके पास दूसरा विकल्प नहीं था। सुल्तान ने आदेश दिया कि उसके पाँच दुर्गों की बुनियाद तक खोद डाली जाये। वहाँ के निवासियों को उनके मल्बे में दबा दिया अथवा गुलाम बना लिया गया।चन्देल के भाग जाने के कारण सुल्तान ने निराश होकर अपनी सेना को चान्द राय पर आक्रमण करने का आदेश दिया जो हिन्द के महान शासकों में से एक है और सरसावा दुर्ग में निवास करता है[xiv]

12. सरसावा (सहारनपुर) में भयानक रक्तपात- सुल्तान ने अपने अत्यंत धार्मिक सैनिकों को इकट्‌ठा किया और द्गात्रु पर तुरन्त आक्रमण करने के आदेश दिये। फलस्वरूप बड़ी संख्या में हिन्दू मारे गये अथवा बंदी बना लिये गये। मुसलमानों ने लूट की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जब तक कि कत्ल करते-करते उनका मन नहीं भर गया। उसके बाद ही उन्होंने मुर्दों की तलाशी लेनी प्रारंभ की जो तीन दिन तक चली। लूट में सोना, चाँदी, माणिक, सच्चे मोती, जो हाथ आये जिनका मूल्य लगभग तीस लाख दिरहम रहा होगा। गुलामों की संखया का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रत्येक को 2 से लेकर 10 दिरहम तक में बेचा गया। द्गोष को गजनी ले जाया गया। दूर-दूर के देशों से व्यापारी उनको खरीदने आये। मवाराउन-नहर ईराक, खुरासान आदि मुस्लिम देश इन गुलामों से पट गये। गोरे, काले, अमीर, गरीब दासता की समान जंजीरों में बँधकर एक हो गये[xv]

13. सोमनाथ का पतन- अल-काजवीनी के अनुसार 'जब महमूद सोमनाथ के विध्वंस के इरादे से भारत गया तो उसका विचार यही था कि (इतने बड़े उपसाय देवता के टूटने पर) हिन्दू (मूर्ति पूजा के विश्वास को त्यागकर) मुसलमान हो जायेंगे[xvi]।दिसम्बर 1025 में सोमनाथ का पतना हुआ। हिन्दुओं ने महमूद से कहा कि वह जितना धन लेना चाहे ले ले, परन्तु मूर्ति को न तोड़े। महमूद ने कहा कि वह इतिहास में मूर्ति-भंजक के नाम से विखयात होना चाहता है, मूर्ति व्यापारी के नाम से नहीं। महमूद का यह ऐतिहासिक उत्तर ही यह सिद्ध करने के लिये पर्याप्त है कि सोमनाथ के मंदिर को विध्वंस करने का उद्‌देश्य धार्मिक था, लोभ नहीं।मूर्ति तोड़ दी गई। दो करोड़ दिरहम की लूट हाथ लगी, पचास हजार हिन्दू कत्ल कर दिये गये[xvii]। लूट में मिले हीरे, जवाहरातों, सच्चे मोतियों की, जिनमें कुछ अनार के बराबर थे, गजनी में प्रदर्शनी लगाई गई जिसको देखकर वहाँ के नागरिकों और दूसरे देशों के राजदूतों की आँखें फैल गई[xviii]

मौहम्मद गौरी

मुहम्मद गौरी नाम नाम गुजरात के सोमनाथ के भव्य मंदिर के विध्वंश के कारण सबसे अधिक कुख्यात है। गौरी ने इस्लामिक जोश के चलते लाखों हिन्दुओं के लहू से अपनी तलवार को रंगा था।

1. मुस्लिम सेना ने पूर्ण विजय प्राप्त की। एक लाख नीच हिन्दू नरक सिधार गये (कत्ल कर दिये गये)। इस विजय के पश्चात्‌ इस्लामी सेना अजमेर की ओर बढ़ी-वहाँ इतना लूट का माल मिला कि लगता था कि पहाड़ों और समुद्रों ने अपने गुप्त खजानें खोल दिये हों। सुल्तान जब अजमेर में ठहरा तो उसने वहाँ के मूर्ति-मंदिरों की बुनियादों तक को खुदावा डाला और उनके स्थान पर मस्जिदें और मदरसें बना दिये, जहाँ इस्लाम और शरियत की शिक्षा दी जा सके[xix]

2. फरिश्ता के अनुसार मौहम्मद गौरी द्वारा 4 लाख 'खोकर' और 'तिराहिया' हिन्दुओं को इस्लाम ग्रहण कराया गया[xx]

3. इब्ल-अल-असीर के द्वारा बनारस के हिन्दुओं का भयानक कत्ले आम हुआ। बच्चों और स्त्रियों को छोड़कर और कोई नहीं बक्शा गया[xxi]।स्पष्ट है कि सब स्त्री और बच्चे गुलाम और मुसलमान बना लिये गये।

तैमूर लंग

तैमूर लंग अपने समय का सबसे अत्याचारी हमलावर था। उसके कारण गांव के गांव लाशों के ढेर में तब्दील हो गए थे।लाशों को जलाने वाला तक बचा नहीं था।

1. 1399 ई. में तैमूर का भारत पर भयानक आक्रमण हुआ। अपनी जीवनी 'तुजुके तैमुरी' में वह कुरान की इस आयत से ही प्रारंभ करता है 'ऐ पैगम्बर काफिरों और विश्वास न लाने वालों से युद्ध करो और उन पर सखती बरतो।' वह आगे भारत पर अपने आक्रमण का कारण बताते हुए लिखता है। 'हिन्दुस्तान पर आक्रमण करने का मेरा ध्येय काफिर हिन्दुओं के विरुद्ध धार्मिक युद्ध करना है (जिससे) इस्लाम की सेना को भी हिन्दुओं की दौलत और मूल्यवान वस्तुएँ मिल जायें[xxii]

2. कश्मीर की सीमा पर कटोर नामी दुर्ग पर आक्रमण हुआ। उसने तमाम पुरुषों को कत्ल और स्त्रियों और बच्चों को कैद करने का आदेश दिया। फिर उन हठी काफिरों के सिरों के मीनार खड़े करने के आदेश दिये। फिर भटनेर के दुर्ग पर घेरा डाला गया। वहाँ के राजपूतों ने कुछ युद्ध के बाद हार मान ली और उन्हें क्षमादान दे दिया गया। किन्तु उनके असवाधान होते ही उन पर आक्रमण कर दिया गया। तैमूर अपनी जीवनी में लिखता है कि 'थोड़े ही समय में दुर्ग के तमाम लोग तलवार के घाट उतार दिये गये। घंटे भर में दस हजार लोगों के सिर काटे गये। इस्लाम की तलवार ने काफिरों के रक्त में स्नान किया। उनके सरोसामान, खजाने और अनाज को भी, जो वर्षों से दुर्ग में इकट्‌ठा किया गया था, मेरे सिपाहियों ने लूट लिया। मकानों में आग लगा कर राख कर दिया। इमारतों और दुर्ग को भूमिसात कर दिया गया[xxiii]

3. दूसरा नगर सरसुती था जिस पर आक्रमण हुआ। 'सभी काफिर हिन्दू कत्ल कर दिये गये। उनके स्त्री और बच्चे और संपत्ति हमारी हो गई। तैमूर ने जब जाटों के प्रदेश में प्रवेश किया। उसने अपनी सेना को आदेश दिया कि 'जो भी मिल जाये, कत्ल कर दिया जाये।' और फिर सेना के सामने जो भी ग्राम या नगर आया, उसे लूटा गया।पुरुषों को कत्ल कर दिया गया और कुछ लोगों, स्त्रियों और बच्चों को बंदी बना लिया गया[xxiv]।'

4. दिल्ली के पास लोनी हिन्दू नगर था। किन्तु कुछ मुसलमान भी बंदियों में थे। तैमूर ने आदेश दिया कि मुसलमानों को छोड़कर शेष सभी हिन्दू बंदी इस्लाम की तलवार के घाट उतार दिये जायें। इस समय तक उसके पास हिन्दू बंदियों की संखया एक लाख हो गयी थी। जब यमुना पार कर दिल्ली पर आक्रमण की तैयारी हो रही थी उसके साथ के अमीरों ने उससे कहा कि इन बंदियों को कैम्प में नहीं छोड़ा जा सकता और इन इस्लाम के शत्रुओं को स्वतंत्र कर देना भी युद्ध के नियमों के विरुद्ध होगा। तैमूर लिखता है- 'इसलिये उन लोगों को सिवाय तलवार का भोजन बनाने के कोई मार्ग नहीं था। मैंने कैम्प में घोषणा करवा दी कि तमाम बंदी कत्ल कर दिये जायें और इस आदेश के पालन में जो भी लापरवाही करे उसे भी कत्ल कर दिया जाये और उसकी सम्पत्ति सूचना देने वाले को दे दी जाये। जब इस्लाम के गाजियों (काफिरों का कत्ल करने वालों को आदर सूचक नाम) को यह आदेश मिला तो उन्होंने तलवारें सूत लीं और अपने बंदियों को कत्ल कर दिया। उस दिन एक लाख अपवित्र मूर्ति-पूजक काफिर कत्ल कर दिये गये[xxv]

इसी प्रकार के कत्लेआम, धर्मांतरण का विवरण कुतुबुद्दीन ऐबक, इल्लतुमिश, ख़िलजी,तुगलक से लेकर तमाम मुग़लों तक का मिलता हैं। अकबर और औरंगज़ेब के जीवन के विषय में चर्चा हम अलग से करेंगे। भारत के मुसलमान आक्रमणकारियों बाबर, मौहम्मद बिन-कासिम, गौरी, गजनवी इत्यादि लुटेरों को और औरंगजेब जैसे साम्प्रदायिक बादशाह को गौरव प्रदान करते हैं और उनके द्वारा मंदिरों को तोड़कर बनाई गई मस्जिदों व दरगाहों को इस्लाम की काफिरों पर विजय और हिन्दू अपमान के स्मृति चिन्ह बनाये रखना चाहते हैं। संसार में ऐसा शायद ही कहीं देखने को मिलेगा जब एक कौम अपने पूर्वजों पर अत्याचार करने वालों को महान सम्मान देते हो और अपने पूर्वजों के अराध्य हिन्दू देवी देवताओं, भारतीय संस्कृति एवं विचारधारा के प्रति उसके मन में कोई आकर्षण न हो।

(नोट- इस लेख को लिखने में "भारतीय मुसल्मानों के हिन्दु पूरवज (मुसलमान कैसे बने)" नामक पुस्तक लेखक पुरुषोत्तम, प्रकाशक कर्ता हिन्दू राइटर फोरम, राजौरी गार्डन, दिल्ली का प्रयोग किया गया है।)

डॉ विवेक आर्य

[i] इलियटएंड डाउसन खंड-1 पृ.164

[ii] इलियटएंड डाउसन खंड-1 पृ.164

[iii] इलियटएंड डाउसन खंड-1 पृ 24-25

[iv] उपरोक्त पृ. 26

[v] के. एस. लाल : इंडियन मुस्लिम : व्हू आर दे, पृ. 6

[vi] अनेक स्थानों पर महमूद द्वारा धर्मान्तरण के लिये देखे-उतबी की पुस्तक 'किताबें यामिनी' का अनुवाद जेम्स रेनाल्ड्‌स द्वारा पृ. 451-463

[vii] जकरिया अल काजवीनी, के. एस. लाल, उपरोक्त पृ. 7

[viii] ईलियट एंड डाउसन, खंड-2, पृ.40 / के. एस. लाल, पूर्वोद्धत पृ. 7-8

[ix] के. एस. लाल, पूर्वोद्धत पृ. 7

[x] प्रो. एस. आर. द्गार्मा, द क्रीसेन्ट इन इंडिया, पृ. 43

[xi] ईलियट एंड डाउसन, खण्ड-2, पृ. 36

[xii] उपरोक्त, पृ.39

[xiii] उपरोक्त, पृ. 40-41

[xiv] उपरोक्त, पृ. 47

[xv] उपरोक्त, पृ. 49-50

[xvi] के. एस. लाल : इंडियन मुस्लिम व्यू आर दे, पृ. 7

[xvii] प्रो. एस. आर. शर्मा, द क्रीसेन्ट इन इंडिया, पृ. 47

[xviii] ईलियट एंड डाउसन, खण्ड-2, पृ. 35

[xix] उपरोक्त पृ. 215

[xx] के. एस. लाल : इंडियन मुस्लिम व्यू आर दे, पृ. 11

[xxi] उपरोक्त पृ.23

[xxii] सीताराम गोयल द्वारा 'स्टोरी ऑफ इस्लामिक इम्पीरियलिज्म इन इंडिया में उद्धत, पृ. 48


[xxiv] उपरोक्त, पृ.49-50

[xxv] सीताराम गोयल द्वारा 'स्टोरी ऑफ इस्लामिक इम्पीरियलिज्म इन इंडिया में उद्धत, पृ. 48

Thursday, October 1, 2015

सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण ,islamization of India by Sufi-Soft conversion

सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण

प्राय: हिन्दू समाज में यही माना जाता है कि हिंदुस्तान में जितने भी मुस्लमान सूफी, फकीर और पीर आदि हुए हैं, वे सभी उदारवादी थे। हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक थे। वे भारतीय दर्शन और ध्यान योग की उपज थे। मगर यह एक भ्रान्ति है। भारत देश पर इस्लामिक आकर्मण दो रूपों में हुआ था। प्रथम इस्लामिक आक्रमणकर्ताओं द्वारा एक हाथ में तलवार और एक में क़ुरान लेकर भारत के शरीर और आत्मा पर जख्म पर जख्म बनाते चले गए। दूसरा सूफियों द्वारा मुख में भजन, कीर्तन, चमत्कार के दावे और बगल में क़ुरान दबाये हुए पीड़ित भारतीयों के जख्मों पर मरहम लगाने के बहाने इस्लाम में दीक्षित करना था। सूफियों को इस्लाम में दीक्षित करने वाली संस्था कहना कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। इस लेख में हम ऐतिहासिक प्रमाणों के माध्यम से यह जानेंगे की सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण किस प्रकार किया गया।

सूफियों के कारनामें

हिन्दुओं का धर्म परिवर्तन कर उन्हें मुसलमान बनाने के लिए सूफियों ने साम-दाम, दंड-भेद की नीति से लेकर तलवार उठाने तक सभी नैतिक और अनैतिक तरीकों का भरपूर प्रयोग किया।

1. शाहजहाँ की मुल्ला मुहीबीब अली सिन्धी नामक सूफी आलिम से अभिन्नता थी। शाहजहाँ ने इस सूफी संत को हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित करने की आज्ञा दी थी[i]

2. सूफी कादरिया खानकाह के शेख दाऊद और उनके शिष्य शाह अब्दुल माली के विषय में कहा जाता है कि वे 50 से 100 हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित करते थे[ii]

3.सूफी शेख अब्दुल अज़ीज़ द्वारा अनेक हिन्दुओं को इस्लाम में दीक्षित किया गया[iii]

4. सूफी मीरान भीख के जीवन का एक प्रसंग मिलता है। एक हिन्दू जमींदार बीरबर को मृत्युदंड की सजा सुनाई गई। उसने सूफी मीरान भीख से सजा मांफी की गुहार लगाई। सूफी ने इस्लाम कबूल करने की शर्त लगाई। हिन्दू बीरबर मुसलमान बन गया। सूफी ने इस्लाम की सेवा में उसे रख लिया[iv]

5. दारा शिकोह के अनुसार सूफी शेख अब्दुल क़ादिर द्वारा अनेक हिन्दुओं को मुसलमान बनाया गया[v]

6. मीर सैय्यद अली हमदानी द्वारा कश्मीर का बड़े पैमाने पर इस्लामीकरण किया गया। श्रीनगर के काली मंदिर को तोड़कर उसने अपनी खानकाह स्थापित करी थी। हिन्दू ब्राह्मणों को छलने के लिए हमदानी के शिष्य नूरुद्दीन ने नुंद ऋषि के नाम से अपने को प्रसिद्द कर लिया। नूरुद्दीन ने श्रीनगर की प्रसिद्द हिन्दू उपासक लाल देह के हिन्दू रंग में अपने को पहले रंग लिया। फिर उसके उपासकों को प्रभावित कर इस्लाम में दीक्षित कर दिया। उसके मुख्य शिष्यों के नाम बामुद्दीन, जैनुद्दीन, लतीफुद्दीन आदि रख दिया।ये सभी जन्म से ब्राह्मण थे[vi]

सूफियों द्वारा इस्लाम की सेवा करने के लिए मुस्लिम शासकों को हिन्दुओं पर अत्याचार करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। जिससे हिन्दू तंग आकर इस्लाम ग्रहण कर ले।

1. अल्तमश द्वारा नियुक्त सुहरावर्दी ख़लीफ़ा सैय्यद नूरुद्दीन मुबारक ने इस्लाम की सेवा के लिए

- शरिया लागु करना।

-मूर्तिपूजा और बहुदेवतावाद को कुफ्र घोषित करना।

-मूर्तिपूजक हिन्दुओं को प्रताड़ित करना।

-हिन्दुओं विशेष रूप से ब्राह्मणों को दंड देना।

-किसी भी उच्च पद पर किसी भी हिन्दू को न आसीन करना[vii]

2. बंगाल के सुल्तान गियासुद्दीन आज़म को फिरदवासिया सूफी शेख मुज्जफर ने पत्र लिख कर किसी भी काफिर को किसी भी सरकारी उच्च पद पर रखने से साफ़ मना किया। शेख ने कहा इस्लाम के बन्दों पर कोई काफिर हुकुम जारी न कर सके। ऐसी व्यवस्था करे। इस्लाम, हदीस आदि में ऐसे स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं[viii]

3. मीर सैय्यद अली हमदानी द्वारा कश्मीर के सुलतान को हिन्दुओं के सम्बन्ध में राजाज्ञा लागु करने का परामर्श दिया गया था। इस परामर्श में हिन्दुओं के साथ कैसा बर्ताव करे। यह बताया गया था।

-हिन्दुओं को नए मंदिर बनाने की कोई इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को पुराने मंदिर की मरम्मत की कोई इजाजत न हो।

-मुसलमान यात्रियों को हिन्दू मंदिरों में रुकने की इजाज़त हो।

- मुसलमान यात्रियों को हिन्दू अपने घर में कम से कम तीन दिन रुकवा कर उनकी सेवा करे।

-हिन्दुओं को जासूसी करने और जासूसों को अपने घर में रुकवाने का कोई अधिकार न हो।

-कोई हिन्दू इस्लाम ग्रहण करना चाहे तो उसे कोई रोकटोक न हो।

-हिन्दू मुसलमानों को सम्मान दे एवं अपने विवाह में आने का उन्हें निमंत्रण दे।

-हिन्दुओं को मुसलमानों जैसे वस्त्र पहनने और नाम रखने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को काठी वाले घोड़े और अस्त्र-शस्त्र रखने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को रत्न जड़ित अंगूठी पहनने का अधिकार न हो।

-हिन्दुओं को मुस्लिम बस्ती में मकान बनाने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को मुस्लिम कब्रिस्तान के नजदीक से शव यात्रा लेकर जाने और मुसलमानों के कब्रिस्तान में शव गाड़ने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को ऊँची आवाज़ में मृत्यु पर विलाप करने की इजाजत न हो।

-हिन्दुओं को मुस्लिम गुलाम खरीदने की इजाजत न हो।

मेरे विचार से इससे आगे कुछ कहने की आवश्यता ही नहीं है[ix]

4. सूफी शाह वलीउल्लाह द्वारा दिल्ली के सुल्तान अहमद शाह को हिन्दुओं को उनके त्योहार बनाने से मना किया गया। उन्हें होली बनाने और गंगा स्नान करने से रोका जाये। सुन्नी फिरके से सम्बंधित होने के कारण सूफी शाह वलीउल्लाह द्वारा शिया फिरके पर पाबन्दी लगाने की सलाह दी गई। शिया मुसलमानों को ताजिये निकालने और छाती पीटने पर पाबन्दी लगाने की सलाह दी गई[x]

5. मीर मुहम्मद सूफी और सुहा भट्ट की सलाह पर कश्मीर के सुल्तान सिकंदर ने अनंतनाग,मार्तण्ड, सोपुर और बारामुला के प्राचीन हिन्दुओं के मंदिरों को नष्ट कर दिया। हिन्दुओं पर जज़िया कर लगाया गया। कश्मीरी हिन्दू ब्राह्मणों को सरकारी पदों से हटाकर ईरान से मौलवियों को बुलाकर बैठा दिया गया[xi]

सूफियों द्वारा हिन्दू मंदिरों का विनाश।

इतिहास में अनेक उदहारण मिलते हैं जब सूफियों ने अनेक हिन्दू मंदिरों का स्वयं विध्वंश किया अथवा मुस्लिम शासकों को ऐसा करने की प्रेरणा दी।

1. सूफी मियां बयान अजमेर में ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के समीप रहता था। गुजरात से बहादुर शाह जब अजमेर आया तो सूफी मियां उससे मिले। उस समय राजगद्दी को लेकर गुजरात में अनेक मतभेद चल रहे थे। मियां ने बहादुर शाह की खूब आवभगत करी और उसे अजमेर को राजपूत काफिरों से मुक्त करने की गुजारिश करी। बाद में शासक बनने पर बहादुर शाह ने अजमेर पर हमला कर दिया। हिन्दू मंदिरों का सहार कर उसने अपने वायदे को निभाया[xii]

2. लखनौती बंगाल में रहने वाले सुहरावर्दी शेख जलालुद्दीन ने उत्तरी बंगाल के देवताला (देव महल) में जाकर एक विशाल मंदिर का विध्वंश कर उसे पहले खानकाह में तब्दील किया फिर हज़ारों हिन्दू और बुद्धों को इस्लाम में दीक्षित किया[xiii]

सूफियों द्वारा हिन्दू राज्यों पर इस्लामिक शासकों द्वारा हमला करने के लिए उकसाना

1. चिश्ती शेख नूर क़ुतुब आलम ने बंगाल के दिनाजपुर के राजा गणेश की बढ़ते शासन से क्षुब्ध होकर जौनपर के इस्लामिक शासक सुल्तान इब्राहिम शाह को हमला करने के लिए न्योता दिया। गणेश राजा ने भय से अपने बेटे को इस्लाम काबुल करा अपनी सत्ता बचाई[xiv]

2. शेख गौस द्वारा ग्वालियर के किले को जितने में बाबर की सहायता करी गई थी[xv]

3. शेख अहमद शाहिद द्वारा नार्थ वेस्ट फ्रंटियर प्रोविंस में हज़ारों अनुयाइयों को नमाज पढ़ने के बाद सिखों के राज को हटाने के लिए इस्लाम के नाम पर रजामंद किया गया[xvi]

सूफियों का हिन्दुओं के प्रति सौतेला व्यवहार

हिन्दू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के नाम से प्रसिद्द सूफियों का हिन्दुओं के प्रति व्यवहार मतान्ध और संकुचित सोच वाला था।

1. सूफी वलीउल्लाह का कहना था की मुसलमानों को हिन्दुओं के घरों से दूर रहना चाहिए जिससे उन्हें उनके घर के चूल्हे न देखने पड़े[xvii]। यही वलीउल्लाह सुल्तान मुहम्मद गजनी को खिलाफत-ए-खास के बाद इस्लाम का सबसे बड़ा शहंशाह मानता था। उसका कहना था की मुहम्मद के इतिहासकारों ने नहीं पहचाना की मुहम्मद गजनी की जन्मपत्री मुहम्मद साहिब से मिलती थी इसीलिए उसे जिहाद में आशातीत सफलता प्राप्त हुई[xviii]। हिन्दुओं पर अथाह अत्याचार करने वाले ग़जनी की प्रसंशा करने वाले को क्या आप हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक मानना चाहेंगे?

2. सूफी सुहरावर्दी शेख जलालुद्दीन द्वारा अल्लाह को हिन्दुओं द्वारा ठाकुर, धनी और करतार जैसे शब्दों का प्रयोग करने से सख्त विरोध था[xix]

इस लेख के माध्यम से हमने भारत वर्ष के पिछले 1200 वर्षों के इतिहास में से सप्रमाण कुछ उदहारण दिए है जिनसे यह सिद्ध होता हैं सूफियों का मूल उद्देश्य भारत का इस्लामीकरण करना था। अजमेर के ख़्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती, दिल्ली के निजामुद्दीन औलिया, बहराइच के सालार गाज़ी मियां के विषय में कब्र पूजा: मूर्खता अथवा अन्धविश्वास नामक लेख में विस्तार से प्रकाश डाला जायेगा। आशा है इस लेख को पढ़कर पाठकों की इस भ्रान्ति का निवारण हो जायेगा की सूफी संतों का कार्य शांति और भाईचारे का पैगाम देना था।

डॉ विवेक आर्य

[i] Tabaqat-I-shahjahani, f.316b

[ii] supra, p.63, p.119-120

[iii]malfuzat-I-shah ‘abdu’l-’aziz, p.22)

[iv]History of Sufism in India by SAA Rizvi vol. 2 p.272-273

[v]Muhammad dara-shukoh, safinatu’l-auliya’, lucknow, 1872,p.69

[vi]सूफियों द्वारा भारत का इस्लामीकरण,पुरुषोत्तम पृष्ठ 28

[vii]tarikh-I firuz shahi, pp. 41-44

[viii]S.H.Askari- the correspondence of the fourteenth century Sufi saints of Bihar with the contemporary sovereigns of Delhi and Bengal, journal of the Bihar research society, march 1956,p.186-187

[ix]Zakhiratul-muluk, pp. 117-118

[x] Shah Waliu’llah dihlawi ke siyasi maktubat, aligarh, 1950, pp. 41-44, 2nd edition, Delhi 1969, p.5

[xi] HSI by SAA Rizvi, vol.1, pp.297

[xii] akhbaru’l-akhyar by Shaikh ‘abdu’l-haqq muhaddis dihlawi pp.291-292

[xiii] jamali, p.171

[xiv] tabaqat-I-akbari, 3,p.265; gulshan-I ibrahimi, pp. 296-207; ghulam hussain salim, riyazu’s- salatin, Calcutta, 1890, pp.108-110, maktubat-I ashrafi (letter to sultan Ibrahim)

[xv] Beveridge,, 2, reprint, New Delhi, 1970, pp. 539-540

[xvi] Muhammad ja’far thaneswari, ed. Maktubat-Saiyid Ahmad shahid, Karachi,, 16

[xvii] shah waliu’llah, hujjat Allah al – baligha, 1, Karachi, n.d. pp.468

[xviii] shah waliu’llah, qurrat al-a’ynain fi tafzil al-shaykhyn, Delhi, 1893, p.324

[xix] siraju’l-hidaya, f.64b

Sunday, September 13, 2015

जागो हिन्दुस्तानी Beware of Vatican conversion-Worse than Islam.

💥प्रश्न - साधू-संतो के पास करोड़ो की संपत्ति है । साधू-संतो को इतनी संपत्ति की क्या जरुरत है? साधू को तो अपरिग्रही होना चाहिए ?

​​💥उत्तर : रोमन केथोलिक चर्च का एक छोटा राज्य है जिसे वेटिकन बोलते है । अपने धर्म के प्रचार के लिए वे हर साल​ 171,600,000,000
डॉलर खर्च करते है । तो उनके पास कुल कितनी संपत्ति होगी?

💥वेटिकन के किसी भी व्यक्ति को पता नहीं है कि उनके कितने व्यापार चलते है ।
💥रोम शहर में 33% इलेक्टोनिक, प्लास्टिक, एर लाइन, केमिकल और इंजीनियरिंग बिजनेस वेटिकन के हाथ में है ।
💥दुनिया में सबसे बड़े shares​ वेटिकन के पास है ।
💥इटालियन बैंकिंग में उनकी बड़ी संपत्ति है और अमेरिका एवं स्विस बेंको में उनकी बड़ी भारी deposits है ।
💥ज्यादा जानकारी के लिए पुस्तक पढाना जिसका नाम है VATICAN EMPIRE

💥उनकी संपत्ति के आगे आपके भारत के साधुओं के करोड रुपये कोई मायना नहीं रखते ।

💥वे लोग खर्च करते है विश्व में धर्मान्तरण करके लोगों को अपनी संस्कृति, और धर्म से भ्रष्ट करने में 🚩और भारत के संत खर्च करते है लोगों को शान्ति देने में, उनकी स्वास्थ्य सेवाओं में, आदिवासियों और गरीबों की सेवा में, प्राकृतिक आपदा के समय पीडितों की सेवा में और अन्य लोकसेवा के कार्यों में ।

✨- डॉ.प्रेमजी
💥देखिये वीडियो
Jago hindustani
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Thursday, May 7, 2015

US funds NGO to help christianity in name of AID in NEPAL.

US Government funded Christian Evangelical groups reach Nepal to provide relief
Hinduism DeMystified's photo. While there isn’t any reasonable data to conclude that conversions are actually on, there is cause for concern and the situation needs to be monitored. We say this because solely based on their internet activity, it is easy to establish that Christian evangelical groups have reached Nepal, and although they aren’t converting people yet, they are actively providing aid and relief.
Samaritan’s Purse, is one such organisation. In it’s Mission Statement it clearly says it is an “evangelical Christian organization providing spiritual and physical aid to hurting people around the world” … “with the purpose of sharing God’s love through His Son, Jesus Christ.”. As per reports on its own site and updates on its Twitter Account, they already have people in Nepal providing relief material, in as many as four districts. As of now, they are only providing help and aid to Nepalis. But along with their stated Mission, their past records show they are active in proselytisation.
In 2012, a UK based organization revealed that Samaritan’s Purse was engaged in a covert operation of influencing children in poor countries, to convert to Christianity by enticing them with gifts and toys under a “Shoebox Gifts” program officially called “Operation Christmas Child”. Along with the gifts, they give a pamphlet which is “a direct attempt at religious conversion of young children, complete with a “sinner’s prayer” of conversion and a pledge card.” Soon, the local church invites these children to “share the Gospel” under a course called “The Greatest Journey”. See the booklet distributed here.
As per their own site :”In the past four years, more than 4.6 million children in 88 countries have enrolled in the discipleship program. More than 2.1 million of them have made decisions for Christ, and 2.2 million have committed to share their faith with family and friends”
And there is more. Samaritan’s Purse is experienced in “helping” people hit by earthquakes. In 2001, there was an earthquake in El Salvador. The victims of this tragedy had then complained that the organization “held half-hour prayer meetings before showing them how to build temporary homes of metal and plastic”. The President of this organization, had unabashedly said:
“When we go into these villages and help people get back into their homes, we hope we’ll be able to plant new churches all over this country,”
It also must be noted that at that point in time, Samaritan’s Purse had received more than $200000 from the US Government, thus making the Government a party to conversions.
In 2005 again, Samaritan’s Purse was once again under scrutiny for using aid as a tool to convert Muslims in Indonesia, which was ravaged in the Tsunami. Once again, they had received donations form the US Government, which went upto $300000 that year.
In 2010, Haiti was struck by an Earthquake, and there again Samaritan’s Purse was quick to reach. Once again, providing medical help and proselytisation crossed paths, with one the medical volunteers and also Director of the organization said “We came to Haiti not just to extend people’s physical lives, but to point the way to eternal life through faith in Jesus Christ” as per their own annual report. If Doctors themselves declare that they have come to convert people, what else is left to say?
This trend of rushing to help people in disaster zones is a regular feature with Samaritan’s Purse, be it the earthquake in Costa Rica, hurricane in Nicaragua, tsunami in Samoa, cyclone in Vanuatu or typhoons in Philippines.
In 2013, after Cyclone Phailin, reached Odisha & West Bengal, and its partners “distributed relief supplies in Jesus’ Name”. Contuniuing with their “Shoebox Gifts” program, in 2014, Samaritan’s Purse distributed such “Gifts” to almost 5 lakh children in India. On their site, they even mention real stories of Indian’s getting converted to Christianity, including those of fatherless children. Watch this video on their initiatives in India, how they target children from slums and “present the gospel” to them via gift boxes. A child named Samir, from West Bengal says:
When I received my shoebox, I was very happy. I learned that Jesus loves me and that he sent me the box. After I got the box I started coming to the church and my parents started coming with me.
The organisations head in India says, via this program “The children who are the harvest, become the harvesters”
Samaritan’s Purse knows how to go about their work. They target people when they are most vulnerable: either in the midst of a natural disaster, or when they are children from economically backward families. It probably is the easiest to get such people in the fold. And that is why, this organization has reached Nepal. As usual, the plan will be to start with providing physical aid, and then slowly moving on to spiritual aid. While there will be no direct proof of conversions for some time, at least until the dust settles, slowly the real agenda will surface.
Nepal is no stranger to Samaritan’s Purse. When there was a drought in the area where Nepal’s Chepang tribe resides, Samaritan’s Purse was working with a Christian partner in Nepal to provide emergency food to the tribe.
We know for sure Samaritan’s Purse has already begun their work in Nepal. But are they alone? Is this the only evangelical organization there? Probably not:
1. A team from Baptist Global Response, a partner of International Mission Board (an evangelizing organization), have left for Nepal
2. A team from Children’s Hunger Fund (whose mission is to deliver hope to suffering children by equipping local churches for gospel-centered mercy ministry) is already in Nepal. (Also supported by US Government)
3. The International Nepal Fellowship (formerly known as Nepal Evangelistic Band ) is already providing relief in Nepal
4. The Salvation Army, “an evangelical part of the universal Christian Church”, already has teams in Nepal, with more coming. (Also supported by US Government)
Given all of the above, and the fact that Nepal legally allowed conversions only in 2008, Nepalis need to be alert and should see to it that if they were to choose to change their religion, it should not be under any sort of force from or moral obligation to these evangelical relief groups.…/us-government-funded-christian-ev…/

Thursday, April 23, 2015

Ford Foundation-CIA, USA TROZEN HORSE is now leashed for Anti-India activities

CIA-Trojan-Horse-Ford-Aam-Aadmi-Party-AAP-IndiaIt is same Ford company that funds NGO who blocks developmental project in all developing countries. It is same foundation that has many CIA active and it is a dark organization started to stall development in developing countries by many means. It has created problem in Ukraine by supporting activities that has come to war situation in Ukraine. It is same FORD foundation that has paid multimillion to organization Aam Admi Party and Kejriwal, Manish Singh sisodiya's Kabir foundation that has been doing antiindia activities for sole purpose of bringinhg Christianity to other nations. Finally Modi has stalled its trozen horse.

Ford Foundation put under MHA watchlist in "national interest and security" of India

The Narendra Modi government has suspended the Foreign Contribution (Regulation) Act, or FCRA, license that allows Greenpeace India to get funds from overseas.

The suspension of Greenpeace's FCRA licence came after the government prevented a member of the organisation from travelling to the UK to speak to lawmakers there about the rights of indigenous communities. NGOs have been on their guard after a leaked 2014 Intelligence Bureau report said such organisations were creating hurdles to development.

To be sure, the foundation has been on the radar of Indian intelligence agencies for decades, on account of which the finance ministry was mandated to clear each grant that it made to NGOs. This scrutiny intensified after it became known that the Anna Hazare-led anti-corruption movement of 2011 got a boost from the foundation with Arvind Kejriwal's NGO Kabir getting about $400,000.
Read more-
Kejriwal is controlled by Ford Foundation
CIA'S plan to christianise India by Ford foundation
Christian missionary and NGO converting in name of fund

Friday, December 5, 2014


“I will rather die than convert to Islam” – Lioness Rinkal Kumari
“I will rather die than convert to Islam” – Lioness Rinkal Kumari

19 years old Rinkel Kumari, a student of Mirpur Mathelo, a small village in the province of Sindh, began the evening of February 24: A handful of men seized her and delivered her a few hours later into the hands of a wealthy Muslim scholar, the man then called her parents, warning them that their daughter "wants to convert to Islam."

Nand Lal, the girl's father, a teacher of an elementary school, accused Naveed Shah, an influential Muslim, of kidnapping his daughter. The man has the "political cover" provided by Mian Mittho, an elected National Assembly Member, suspected of aiding and abetting. After identifying the perpetrators of the kidnapping of his daughter, he was forced to leave the area of origin to escape the threats of people affiliated with the local mafia. The father found refuge and welcome in Gurdwara in Lahore, in Punjab province, with the rest of his family.

Every year, thousands of Hindu teenage girls are kidnapped in Pakistan by Fanatic Islamic preachers. They are raped and forced to convert to Islam.

Rinkal Kumari will come as an inspiration to those families who get murdered or convert to fanatic Islam out of fear.

IBTL demands PM that all persecuted Hindus from Pakistan and Bangladesh be given citizenship on arrival (after proper investigation that they are Hindus and not on ISI payrolls)

Although India is also not safe for Hindu girls with regular cases of Love and Rape Jehads but it is way safer than Pakistan.

Hope PM shows some spine and instead of nurturing Bangladeshi terrorists, help these refugees who were forced to go to Pakistan when bigot Nehru divided India into 2 pieces 19 years old Rinkel Kumari, a student of Mirpur Mathelo, a small village in the province of Sindh, began the evening of February 24: A handful of men seized her and delivered her a few hours later into the hands of a wealthy Muslim scholar, the man then called her parents, warning them that their daughter "wants to convert to Islam."
ज़्यादा से ज़्यादा शेयर करें ताकि बंद आंखे खुल जाए।Nand Lal, the girl's father, a teacher of an elementary school, accused Naveed... Shah, an influential Muslim, of kidnapping his daughter. The man has the "political cover" provided by Mian Mittho, an elected National Assembly Member, suspected of aiding and abetting. After identifying the perpetrators of the kidnapping of his daughter, he was forced to leave the area of origin to escape the threats of people affiliated with the local mafia. The father found refuge and welcome in Gurdwara in Lahore, in Punjab province, with the rest of his family.
Desert Cults..
Every year, thousands of Hindu teenage girls are kidnapped in Pakistan by Fanatic Islamic preachers. They are raped and forced to convert to Islam.
Rinkal Kumari will come as an inspiration to those families who get murdered or convert to fanatic Islam out of fear.
IBTL demands PM that all persecuted Hindus from Pakistan and Bangladesh be given citizenship on arrival (after proper investigation that they are Hindus and not on ISI payrolls)
Although India is also not safe for Hindu girls with regular cases of Love and Rape Jehads but it is way safer than Pakistan.
Hope PM shows some spine and instead of nurturing Bangladeshi terrorists, help these refugees who were forced to go to Pakistan when bigot Nehru divided India into 2 pieces

Wednesday, November 19, 2014

The vastness of Hindu conversions

1. Financial

‘From all over the world, Rs. 1 lakh crore are spent every year on conversions in Bharat.’ – Mr. KB Surendran, Bharatiya Vichar Kendra

1.1 Foreign aid received for conversions to Christianity

A. ‘Based on the report of the Union Home Ministry for the year 2008, a sum of about 210 million dollars is received as foreign aid for Christian priests, preachers and other religious acts.’ – Mr. PC Dogra (Retd. Bharatiya Police officer)
B. ‘According to a report published by the Union Home Ministry in March 2009, some Christian social organisations received millions of dollars as foreign aid for propagation of Christianity in Bharat.’
C. ‘According to a report of the Union Home Ministry for the Year 2011, Christian organisations in Bharat received monetary assistance upto 2500 million dollars.
D. USA, Germany, Britain, Italy and Netherlands are the five main countries which provide funds for conversions in Bharat.’ – Father Johnson, USA

1.2 Foreign aid received for conversions to Islam

A. ‘Indian Fraternity Forum in Damam (Saudi Arabia) collects money for conversions.’
B. Mediums of transfer of money from Arab countries for conversions in Bharat : Money reaches Bharat from Saudi Arabia through ‘Western Union Money Transfer’ through hawala transactions (Illegal money transfer). Some jewellery businessmen in Bharat have their branches in the Gulf countries. Money is transferred through them as well. Since Muslim pilgrims returning from Haj are not subjected to a strict security check at Bharatiya airports, money is also brought in through them.’

2. National

2.1 Eight lakh Hindus get converted every year

Approximately 3.5 lakh Hindus get converted to Islam and 4.5 lakh to Christianity every year; thus, approximately 8 lakh Hindus get converted every year. If the population of 1947 is compared with that today, it will be observed that the Christian population has grown 5 times and that of Muslims 8 times. Approximately 1.20 lakh Muslims and 3 lakh Christian preachers are striving hard to convert Hindus in our country. – Daily ‘Tarun Bharat’ (20.11.1999)

2.2 Nationwide preparedness of Christians for converting Hindus

A. A Christian religious front that is tirelessly working for the mission of conversions in Bharat : ‘As per the ‘Catholic directory’ of 1998 there are 1,19,250 missionaries, 15,101 Christian educational institutions and 47 lakh students who are getting educated in these institutions. Such is the pace of conversions carried out by the missionaries in Bharat.’
B. ‘Christians have targeted 75,000 Pin Codes in Bharat.’ – Father Johnson, USA
C. Various churches and organisations active in Bharat to convert Hindus
1. Seventh-day Adventist Church : ‘Seventh Day Adventists owes its success in Bharat to Canadian evangelist Ron Watts, who arrived in Bharat in 1997. At that time, the Adventist Church had 2,25,000 members after 103 years of operation. In five years, he took the membership to 7 lakh. This Church forms a group of 10-15 villages, and under the guidance of a pastor, conducts the task of conversions systematically. The local volunteers then carry forward this task. In 1998, 9,337 Hindus from 10 groups of 10 villages each got converted. In 1999, the number shot up to 40,000 Hindus from 40 groups.
2. Maranatha Volunteers International : This American organisation provides buildings to Seventh-day Adventist Church. They are committed to building 750 churches in Bharat between 2011-2012.
3. Fjarli : Oregon-based Fjarli family has a goal of building 1,000 churches at the rate of 1 church per day.’
– Father Johnson, USA
4. Sixty-seven Christian organisations in USA : ‘The Leprosy Mission International’, ‘Baptist Bible Fellowship International’, ‘The Bible League’, ‘World Vision’, ‘Trans World Radio’ etc. are some of the 67 USA organisations which are engaged in the mission of converting Hindus in Bharat very discreetly.’ – Monthly ‘Ekta’ (February 2005)

2.3 Muslim policy that has been active since 1983 to convert Hindus to Islam

1. ‘Enticing illiterate, ignorant and poor Hindus, especially the backward classes to convert to Islam
2. Marrying Hindu women and increasing the number of Muslims through procreation
(Using this conspiracy, approximately 5 lakh Hindu women have been converted to Islam in the past 15 years. Detailed information on this has been provided in the book titled ‘Love Jihad’ published by ‘Hindu Janajagruti Samiti’. – Compiler)
3. Preaching Islamic literature in all languages
(These days, as part of this conspiracy they distribute free copies of their text in Bharatiya languages. – Compilers)
4. Renovation of old mosques and construction of new mosques and madarsas
5. Organising international conferences of Muslims in various parts of the country.’
– Monthly ‘Samanvay’ (March-April 1986)
This conspiracy being experienced by Hindus is being carried out even today in a systematic manner.

3. The ghastliness of the Christian and Muslim sponsored State-wise conversions

A. The ‘Joshua Project’ is concentrating completely on Hindi speaking States in North Bharat – Father Johnson, USA
B. In Punjab, the Christian population has risen to 1% due to conversions : ‘Presently, Christian preachers are preaching in a very aggressive way in Punjab. Consequently, the population of Christians, which was less than 0.1% at the time of Independence, has now risen to 1%.’ – (Late) Mr. Milind Gadgil (A senior journalist who specialised in covering war issues), Mumbai
C. Nagaland had only 200 Christians in the pre-Independence era; it has today become the largest Christian State due to conversions : In 1947, the population of Christians in Nagaland was a mere 200. Today, it is the largest Christian State. According to the 2001 census, 90.02% or 17,90,349 Nagas are Christians. Nagaland now has only 7.7% Hindus left.
D. Mizoram the second largest Christian state : Due to the aggressive evangelisation by Christian missionaries, over 90% people in Mizoram have been converted to Christianity.
E. The third Christian majority State in Bharat is Meghalaya : After Independence, Meghalaya too has become a Christian majority State due to conversions. According to the 2001 census, the Christian population there has reached 70.3% and the Hindus are a mere 13.3%. In Meghalaya, all Government social welfare schemes are implemented through Christian organisations.
F. Spread of Christianity in Manipur : In Manipur 34% population has been converted to Christianity. Most people belonging to the Meitei community have converted to Christianity. Literature in the Manipuri language consists only of the Bible and books associated with Christianity.
G. Kandhamal, a tribal District in Odisha, is on its way to becoming a Christian majority : ‘In Odisha, Kandhamal is a tribal District. Of the 6,47,000 population there, over 1,50,000 are Christians. Christians who were 6% in 1971 are now 27%.’
H. ‘Conversions of thousands of Hindus by the ‘Believers’ in the State of Goa’
I. With the help of the earlier Congress Chief Minister, 10,000 people were converted every month in Andhra Pradesh : ‘The Adventist Church had made groups of 10 and 25 villages in Andhra Pradesh, 50 groups in all, for step by step conversions with the help of the earlier Chief Minister of Andhra Pradesh, Y Samuel Rajashekhar Reddy. There, every month a minimum of 10,000 people are converted. Now a target of 5,000 Hindus a day has been set. Gradually, the number of churches in Andhra Pradesh are growing. Attempts are being made to construct a church close to the Tirupati temple.’ – Father Johnson, USA
J. Hindu Dharma on its way to getting wiped out in Kerala : ‘Hindu population in Kerala which was 68.36% in 1901 reduced to 56.20% in 2001 – a fall of 12.16%. Contrary to this, the Muslim population which was 17.28% in 1901 increased to 24.70% in 2001 – a rise of 7.42%. The Christian population which was 13.82% in 1901 became 19.10% in 2001 – a rise of 5.28%.’ – Survey conducted by the Keralathail Hindu group ‘Neriduna Velluvilikal’.
K. Using money power, Christian organisations in Tamil Nadu convert 97,000 poor Hindus to Christianity : ‘Christian organisations in Tamil Nadu are converting Hindus using finance received from USA. A lot of Tamilians are poor. Christian organisations are offering them financial assistance and converting them. Ninety-seven thousand Hindus had been converted to Christianity by 2010.’
L. Conversions in the Andaman and Nicobar islands : ‘In the Union Territory of Andaman-Nicobar islands, the Christian missionaries are taking undue advantage of the poverty, ignorance and helplessness of the people in remote areas. Thousands of tribals there have been converted. On both the islands, a group of 8 to 10 nuns wearing white or blue attire are seen moving around. Today, the Nicobar island has converted completely to Christianity. Along with the Nicobari community, other communities too have become Christians.’ – Mr. Bhaskar Nagare, Navi Mumbai

4. International

4.1 After Nepal became a secular state, 10 lakh Hindus were converted to Christianity

‘After Nepal became a secular State, the process of converting Hindu prisoners has grown. When Nepal had monarchy, it was constitutionally a ‘Hindu Nation’; action used to be taken against Christian evangelists and missionaries who converted Hindus to Christianity. However, now in Nepal Christianity is growing. Bishop Anthony Sharma has proclaimed that of the 2.8 crore population, 10 lakh are Christians.’

4.2 Conversion of helpless Nepali Hindus by Christians, who were granted refuge by USA

‘In the year 2009, about 60,000 Nepali Hindus who had been driven out of Bhutan, were granted refuge by USA. The Christian missionaries there are converting these homeless Hindus, with the help of Bhandra Rai, originally a Nepali Hindu, now converted to Christianity. Informative lectures on Jesus are organised in Nepali language through Rai.’

4.3 The Muslim Government and Christian missionaries in Malaysia plot to convert 7% Hindus in the country

A. Due to atrocities on Hindus by the Muslim Government in Malaysia, they are getting converted at a fast pace : ‘A Hindu organisation from USA active for safeguarding human rights has prepared a report on the atrocities inflicted on Hindus in Malaysia and submitted it to the United Nations Organisation and other international organisations. Given ahead are excerpts from this report.
1. In the past 25 years, 1,30,000 Hindus in Malaysia have been converted.
2. Hindus in Malaysia are compelled to live as second class citizens.
3. Hindus are severely punished even for minor offences.
4. 4. A Hindu man is not allowed to marry a Muslim girl unless he embraces Islam. Muslim men, however, are allowed to marry Hindu girls. In this manner, 33,000 Hindu girls have been converted to Islam.’
B. ‘In 2008, Christian missionaries chalked out a plan to convert 78% of the Hindu population in Malaysia to Christianity.’
(Reference – ‘Religious conversions and Purifying the converted’ )