Monday, April 18, 2016

India was hub of Indutry until 16 th century



हमे सबसे बड़ा झूठ जब पढ़ाया गया कि भारत कृषि प्रधान देश है जब हम ये नहीं समझ पाए के हमारा ध्यान हमारी तकनीक से हटाया जा रहा है ये कृषि हमारे दिमाग में इतनी भर दी गई के हम हमारी असलियत भूल गए | 16विं सदी में भारत के हर छोटे से छोटे गाँवों में बीस से अस्सी प्रकार के व्यवसाय होते थे इतने कारीगर थे हर गाँव में |
जब दुनिया का 70% भाग भारत के बनाए हुए कपडे़ पे निर्भर था और भारत का कपडा सोने के बदले में दिया जाता था किलो से ना की मीटर से |
अंग्रेज भारत के बने जहाज खरीदते थे पुराने और ...10 वर्षों तक उन का प्रयोग करते थे उतना उन्नत व्यावसायिक और कारीगरी ज्ञान था 16विं सदी तक हमारे पास जो भवन बनाने की तकनीक थी उसे ख़त्म कर के हमे बेकार समेंटेड प्रणाली पकड़ा दी गई हमारी उद्योग-कला (Technology) समाप्त की गई और हमारा रसायन ज्ञान हम से छुपा दिया गया |
और इस अर्थव्यवस्था को तोड़ने के लिए हमारे केंद्र मंदिरो पे अंग्रेजो ने अभिग्रहण (Capture) किया जहाँ से सारी व्यवस्था गड़बड़ हुई |
गुरुकुलो में निःशुल्क शिक्षा होती थी, हर पाँच गाँवों में एक वैध होता था जो निःशुल्क उपचार करता था और गाँव वालों द्वारा भिक्षा या अन्य रूप में उन का भरण पोषण होता था | हर पाँच गाँवों के वेधो पे एक शल्य-चिकित्सक (Surgeon) होता था जो की शल्य क्रिया (Operation) सम्बंधित कार्य किया करता था | और भी कई ऐसी बातें है |
अंग्रेजो ने जब हमारी अर्थव्यवस्था समाप्त की तो हम सब बेरोजगार हो गए और निर्धन हो गए ना शिक्षा के लिए गुरुकुल बचे थे | ना कोई कमाई का जातीय केंद्र | 18विं सदी तक दासता (गुलामी) की चपेट में पूरी तरह से अा चुके थे क्योंकि हमारी उद्योग-कला छिन ली गई थी और वाहीं से गरीबी का सील सिला शुरू हुआ अपने पूर्वजो को भूल गए अधिकांश और इस का फ़ायदा उठा के अंग्रेजो ने मूलनिवासी सिद्धान्त (Theories) थोप दी |
मुगलो और ईसाई से लड़ाई हुई लेकिन वो कभी इस तरह की हानि नहीं पहुँचा पाए और आज भी असली खतरा इस्लाम और ईसाई मिशनरी है |