Monday, January 25, 2016

Quran and terrorism

आज लाखो मुस्लिम सडक पर उतर कर हिन्दू महासभा के कमलेश तिवारी जी को फांसी पर लटका देने के लिए सरकार के सामने सडको पर जुलुस निकाल रहे है क्योंकि जब आजम खान ने आरएसएस को "गे" कहा तो जवाब मे कमलेश जी ने कहा कि मुहम्मद वास्तव मे पहले होमो सेक्सुअल थे। बस बात भडक गयी।
लेकिन अब मेआपको बता दूँ कि कुरआन एक ऐसा मजहबी ग्रन्थ है जो पूरी दुनिया को सबसे ज्यादा मुर्ख बनाता है। इसमे अगर लिखा है कि मानव हत्या करना जिहाद है तो दूसरी तरफ लिखा है एक मानव हत्या पूरी मानवता की हत्या है।
कही पर जानव...रो की हत्या भी मना है तो उसी मे कही लिखा है पेट से निकाल कर भ्रूण जानवर की हत्या भी जायज है।
अगर कही लिखा है होमो इंसान को सजाए मौत दी जानी चाहिए तो दूसरी तरफ उसी होमो सेक्सुअल आदमी को जन्नत मे सेक्स और सेवा के लिए देने की बात भी है।
अब जो मायावती लालू कांग्रेस को वोट देने वाले मूर्खों की जमात है वो इन सब ने उलझ कर रह जाते हैं। क्योंकि मुस्लमान मुर्ख बनाने केलिए क्या करता है वह देखिये...
अगर मुस्लिम का कहीं पर वर्चस्व नही है और हिन्दू या ईसाई के सामने कमजोर है या खुद को बचाने के लिए कहेगा कि ..
"इस्लाम में एक मानव की हत्या भी पूरी मानवता की हत्या है.. ये लिखा है"
जब मुस्लिम ताकतवर रहेंगे तो कहेंगे ..

 "गैर मुस्लिमों की हत्या करना जिहाद याने अल्लाह का कार्य है"
हिन्दू भी सेक्युलर है तो अच्छे लगने वाले परिभाषा को सुन कर विश्वास करता है दूसरे को सुनता ही नही।
कुरान मे जन्नत मे होमो भी रहेंगे सेवा के लिए ऐसा वर्णन है - "और उनके चारो तरफ लडके घूम रहे होंगे, वह ऐसे सुन्दर है,जैसे छुपे हुए मोती हो "सूरा -अत तूर 52 :24
इन लडको की हकीकत कुरान की इस आयत से पता चलती है, जो कहती है कि, "ऐसे पुरुष जो औरतो के लिए अशक्त हो (who lack vigour ) सूरा -नूर 24 :३१ बोलचाल की भाषा मे हम ऐसे पुरुषो नपुंसक या हिजडा (Eunuchs ) कहते है, आज भी ये प्रथा अफगानिस्तान, पाकिस्तान, अरब मे मौजूद हैजिसे "बच्चा बाजी " कहा जाता है, इसी तरह भारत मे हिजडा बनाने कि प्रथा भी मुस्लिम शासक ही लाये थे जिनको "मुखन्निस(Arabic مخنثون "effeminate ones") कहते है। यह ऐसे लडके या पुरुष होते है, जिनका पुरुषांग काट दियाजाता ताकि वह स्त्री जैसे दिखे, और जब वह हरम मे काम करे तो वहां की औरतो से कोई शारीरिक सम्बन्ध नही बना सकें परन्तु इनका मालिक इनसे समलैंगिक सम्बन्ध बना सके।
छोटे छोटे लडको या तो खरीद कर या अगवा करके उठाव लिया जाता है। फिर उनको लडकियो के कपडे पहिना कर नाच कराया जाता है और नाच के बाद उनके साथ कुकर्म किया जाता है, कभी कभी ऐसे लडको को खस्सी करके (Castrated ) हिजडा बना दिया जाता है। यह परम्परा अफगानिस्तान, सरहदी पाकिस्तान मे अधिक है। इस कुकर्म के लिए 9 से 14 साल के लडको को लिया जाता है। अफगानिस्तान मे गरीबी और अशिक्षा अधिक होने के कारण वहां बच्चाबाजी एक जायज मनोरंजन है ।
इसका विकिपेडिया लिंक https://en.m.wikipedia.org/wiki/Bacha_Bazi
अल उद्दीन का सेनापति “मालिक काफूर ” हिजडा था, और कुतुबुद्दीन का सेनापति “खुसरू खान ” भी हिजडा ही था महमूद गजनवी और उसके हिजडे गुलाम के “गिलमा बाजी” (homo sexual ) प्रेम यानि कुकर्म (Sodomy ) को इकबाल जैसे शायर ने भी आदर्श बताया है क्योंकि यह कुरान और इस्लाम के अनुकूल है। इसलिए मे कमलेश तिवारी जी का सच्चाई के आधार पर पूरी तरह समर्थन करता हूँ। मुसलमानो की बात का तो ऐसा है की अपने हिसाब से कोई भी सूरा या आयत निकाल कर पटक देते हैं।
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