Saturday, November 7, 2015

Ford foundation and anti India activities

फोर्ड फाउंडेशन क्या है?
आज भारत में नयी सरकार बीजेपी के आने के वाद बहुत से NGO की वाट लगी उनमे ग्रीनपीस भी एक है और फोर्ड फाउंडेशन भी।।
उसके वाद से अमेरिका भी बौखलाया हुआ है।बो भारत सरकार से स्पष्टीकरण मांग रहा और अमेरिका की ये बोखलाहट साफ़ साफ़ दिखाती है की बो कांग्रेस राज में किस तरह देश को अस्थिर कर रहे थे।।
आज जो साहित्यकार और कुछ बड़े लोग मोदी सरकार को किसी ना किसी तरीके से कोष रहे है बो किसी न किसी रूप में फोर्ड फाउंडेशन से जुड़े हुए है ।।अब उनके NGO को पैसा मिलना बन्द हो चूका है इसलिए बो बोखलाए हुए है।
अब उस फोर्ड फाउंडेशन की मनमानी बन्द हो चुकी है बीजेपी के आने के वाद इसलिए अब बो बोखलाए हुए है और बीजेपी को अस्थिर करने में लगे है।
फोर्ड फाउंडेशन को समझिए !
फोर्ड मोटर्स कम्पनी के मालिक व अमेरिका के मूल निवासी हेनरी फोर्ड और एडसेल फोर्ड ने 15 जनवरी 1936 में फोर्ड फाउंडेशन नामक NGO का गठन किया ! NGO मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर मानव कल्याण को बढ़ावा देना था, फोर्ड फाउंडेशन का मुख्यालय न्यूयॉर्क में है !
"मानव कल्याण" का मुखौटा लेकर पूरे विश्व में पहचान बनाने वाली फोर्ड फाउंडेशन का असली उद्देश्य कुछ और है ! फोर्ड फाउंडेशन को अमेरिकन ख़ुफ़िया एजेंसी CIA का रणनीतिक भागीदार माना जाता है !
फोर्ड फाउंडेशन के मुख्य काम है ___
1. CIA के इशारे पर विभिन्न देशो में चुनी हुई सरकार को अस्थिर करना !
2. विभिन्न देशो में सरकार के विरुद्ध कुछ विशेष राजनितिक आंदोलन को तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करना !
3. सरकार के विरुद्ध काम कर रही NGO को धन उपलब्ध कराना !
4. अमेरिकी हितो के लिए गुटबाज़ी करना !
5. CIA के इशारे पर लोकतांत्रिक सरकारों के विरुद्ध दुर्भावनापूर्ण आंदोलन खड़ा करना !
6. अमेरिका के लिए पूरे विश्व में राजनितिक स्तर पर स्लीपर सेल तैयार करना !
भारत में अन्ना हज़ारे के आंदोलन को फोर्ड फाउंडेशन का समर्थन था व अरविन्द केजरीवाल की NGO "परिवर्तन" को फोर्ड फाउंडेशन से भारी मात्रा में अनुदान प्राप्त हुए !
फोर्ड फाउंडेशन बिना किसी स्वार्थ के किसी को एक पैसा नहीं देता फिर अरविन्द केजरीवाल की NGO को अनुदान किस आधार पर दिया गया?
क्या अरविन्द केजरीवाल CIA या फोर्ड फाउंडेशन की राजनितिक कठपुतली है?
जब इसी प्रकार के कयास भारत में लगाये जाने लगे तो फोर्ड फाउंडेशन ने अरविन्द केजरीवाल की NGO को अनुदान देने का विवरण ही अपनी आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया !
फोर्ड फाउंडेशन द्वारा भारत में रचे गए कुछ षडयन्त्रों का विवरण ____
1. भारतीय ख़ुफ़िया एजेंसी IB (Intelligence Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार फोर्ड फाउंडेशन भारत में सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के लिए निरंतर कार्यरत है !
2. IB (Intelligence Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार फोर्ड फाउंडेशन भारत के अंदरुनी मामलो में और न्यायिक व्यवस्था में अवांछित घुसपैठ कर चुका है !
3. IB (Intelligence Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार फोर्ड फाउंडेशन ने भारतीय सेना के विरुद्ध साज़िश रची और सेना की छवि को धूमिल करने के उद्देश्य से लगातार काम किया !
4. IB (Intelligence Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार फोर्ड फाउंडेशन ने गुजरात की मोदी सरकार को अस्थिर करने व नरेंदर मोदी के विरुद्ध दुष्प्रचार करने व घृणास्प्रद अभियान चलाने के लिए तीस्ता सीतलवाड की NGO को लगभग 10 लाख अमेरिकी डॉलर का भारी भरकम अनुदान दिया !
5. गुजरात सरकार की विवेचना के अनुसार फोर्ड फाउंडेशन ने तीस्ता सीतलवाड को केवल मुस्लिम हितो की पैरवाई के लिए यह कहकर उकसाया की इससे सांप्रदायिक सौहार्द को बढ़ावा मिलेगा !
6. फाउंडेशन ने अपने प्रभाव का प्रयोग कर पाकिस्तानी मानवाधिकार संगठन की भारत यात्रा करवाकर अपनी सीमाओ का उल्लंघन किया।
7. IB (Intelligence Bureau) की रिपोर्ट के अनुसार फोर्ड फाउंडेशन ने भारत की लगभग सभी बड़ी और महत्त्वकांशी परियोजनाओं में बाधा डालने की पुरजोर कोशिश की इसके लिए सैकड़ो NGO का मकड़जाल बुना गया और उनको भारी अनुदान देकर कभी पर्यावरण सुरक्षा के नाम पर तो कभी अन्य काल्पनिक भय दिखाकर परियोजनाओं का विरोध करवाया गया धरने प्रदर्शन करवाये गए !
8. जिन परियोजनाओं का विरोध किया गया उनमे बिजली उत्पादन परियोजना और खनन उद्योग से जुडी परियोजनाएं शामिल थी ! इस विरोध का अंतिम और एक मात्र उद्देश्य भारत की विकास की गति में अवरोध उत्त्पन्न करना था !
यह तो केवल झांकी मात्र है !
IB की यह रिपोर्ट केवल पिछले 10 सालो में फोर्ड फाउंडेशन द्वारा किये गए कुकर्मो का लेखा जोखा है ! उस से पहले फोर्ड फाउंडेशन ने क्या क्या किया होगा उसकी जानकारी अभी सार्वजानिक नहीं की गयी है !
चीन सीमा और कश्मीर जैसे घाव देने वाले नेहरू और कांग्रेस की यह एक और ऐतिहासिक विफलता है की एक विदेशी NGO और ख़ुफ़िया एजेंसी ने देश में जमकर कोहराम मचाया इनको भनक तक नहीं लगी अथवा ये भी हो सकता है की इनको सबकुछ पता हो पर इनके विरुद्ध कार्यवाही ही न की गयी हो ! सच भी है ___ जिस पार्टी खून में ही सुभाष चन्द्र बॉस जैसे पूजनीय देशभक्तो की जासूसी करने का कीड़ा हो उनको इस बात से क्या फर्क पड़ता है कोई उनकी जासूसी कर रहा है !
आम आदमी पार्टी के जन्म के समय इसे फोर्ड फाउंडेशन की भारतीय शाखा कहा गया था और अरविन्द केजरीवाल को फोर्ड फाउंडेशन की भारतीय शाखा का प्रभारी !
अब IB की रिपोर्ट के आने पर स्पष्ट रूप से समझ आ रहा है की आम आदमी पार्टी का जन्म ही शायद लोकसभा चुनाओ में मोदी की संभावित जीत को रोकना था ! लेकिन बो कामयाब नहीं हो पाये।
आम आदमी पार्टी, अन्ना हज़ारे, अरविन्द केजरीवाल, तीस्ता सीतलवाड, मेधा पाटेकर जैसे छदम क्रांतिजनक और समाजसेवियों के अलावा भी कुकुरमुत्ते की तरह देश में फ़ैल चुकी करोडो NGO का मकड़जाल सब एक सुनियोजित षड्यंत्र का हिस्सा है जो केवल राजनितिक विरोधी ही नहीं राष्ट्र विरोधी भी है !
एक मात्र अच्छी खबर यह है की गुजरात सरकार की अनुशंसा और IB की रिपोर्ट को आधार मानकर गृह मंत्रालय ने फोर्ड फाउंडेशन के विरुद्ध जांच के आदेश दे दिए है ! गृहमंत्री राजनाथ सिंह जी को नमन ! शायद हम अपने उन भाई बहनो की कुछ सहायता कर सके जो केवल मीडिया द्वारा प्रायोजित और प्रचारित तथाकथित क्रांतिकारियों के पीछे निकल लेते है थैला लेके जिनका उद्देश्य केवल विदेशी हितो के लिए भारतीय राजनैतिक व्यवस्था में घुसपैठ करना है !
केवल जन जागरण ही क्रांति ला सकता है और षडयंत्रो को विफल कर सकता है ! More at www.shankhnad.org