Saturday, October 31, 2015

Real owner of Facebook Divya Narendra

सोशल वेबवाइट FB यानी facebook चलाने वालों मे एक फीसदी लोगों को भी यह पता नहीं होगा कि इसके फाउंडर मार्क जुकरबर्ग नहीं बल्कि अप्रवासी भारतीय दिव्य नरेंद्र है। दिव्य नरेंद्र हिंदुस्तानियों के लिए ज्यादा जाना-पहचाना नाम नहीं है।
महज 29 साल के दिव्य नरेंद्र अमरीका में रहने वाले अप्रावासी भारतीय हैं।
(google पर search करे ! divya narendra )
उनके माता-पिता काफी समय पहले से अमरीका में ही आ बसे हैं। दिव्य का जन्म 18 मार्च 1982 को न्यूयार्क में हुआ था। जाहिर है कि दिव्य के पास भी अमरीकी नागरिकता है।पेशे से उनके माता-पिता डॉक्टर हैं। परंपरावादी। अंतर्मुखी। दूसरे भारतीय माता-पिता की तरह वे भी दिव्य को डॉक्टर बनाना चाहते थे, पर दिव्य को यह मंजूर नहीं था। उनके अंदर एक एंटरप्रिन्योर बनने का सपना था। तमाम संघर्षों से जूझते हुए वह ऐसा करने में सफल भी हुए।और 2008 के अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद यह बात पक्की भी हो गई कि दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक का आइडिया दिव्य नरेंद्र का था।
दरअसल फेसबुक का जन्म हॉर्वर्ड कनेक्शन सोशल साइट की निर्माण प्रक्रिया के दौरान हुआ। दिव्य हॉर्वर्ड कनेक्शन प्रॉजेक्ट पर काफी आगे बढ़ चुके थे। उसके लंबे समय बाद जुकरबर्ग मौखिक समझौते के तहत उसमें शामिल हुए। पूरी चालाकी से उन्होंने इस प्रॉजेक्ट को हाईजैक कर लिया और बाद में बाकायदा फेसबुक नाम से डोमेन रजिस्टर्ड कर उस प्रॉजेक्ट को अमली जामा पहना दिया। इस बीच दिव्य और उनके सहयोगियों की जुकरबर्ग से तीखी नोकझोंक हुई। यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट ने मामले में हस्तक्षेप किया और दिव्य को कोर्ट जाने की सलाह दी।
दिव्य ने जुकरबर्ग के खिलाफ 2004 में अमेरिका की एक अदालत में मुकदमा कर दिया। फैसला दिव्य और उनके दोस्तों के पक्ष में आया। जुकरबर्ग को हर्जाने के तौर पर 650 लाख डॉलर चुकाने पड़े, लेकिन दिव्य इससे संतुष्ट नहीं हुए। उनका तर्क था कि उस समय फेसबुक के शेयरों की जो बाजार में कीमत थी, उन्हें उसके हिसाब से हर्जाना नहीं दिया गया।
उनका कहना था कि हर्जाने का राशि फेसबुक की मौजूदा बाजार कीमत के आधार पर तय की जानी चाहिए। हाल ही में गोल्डमैन स्नैच ने फेसबुक की बाजार कीमत 50 बिलियन डॉलर आंकी थी। उन्होंने एक बार फिर 2008 मे मुकदमा दायर किया, लेकिन अमरीकी कोर्ट ने पिछले फैसले को ही बरकरार रखा। अमरीकी कोर्ट के फैसले के आईने में देखा जाए तो जो प्रसिद्धि आज मार्क जुकरबर्ग को मिली है, उसके सही हकदार facebook के असली निर्माता दिव्य नरेंद्र थे।
तो अंत जो लोग हमारे असली भारतीय इतिहास को जानते है वो बहुत आसानी से समझ जाएंगे कि भारतीयों द्वारा किए गए आविष्कारों को चोरी कर अपने नाम से दुनिया मे फैलाना अंग्रेज़ो की पुरानी आदत है ! वो बेशक गुरुत्वकर्षण सिद्धांत के नियम हो ,मर्करी बनाना हो ,कागज बनाना हो ,पलास्टिक सर्जरी करना हो या बापू तलपडे द्वारा हवाई जहाज उड़ाना हो या जगदीश चंद्र बसु द्वारा टेलीफोन का निर्माण करना हो ! और ऐसे सैंकड़ों आविष्कार हो ! या अंत मे भाई दिव्य नरेंद्र द्वारा facebook का निर्माण करना हो ! सब अंग्रेज़ो ने भारतीयो से चोरी कर अपने नाम से चिपकाया हुआ है !
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वन्देमातरम ! भारत माता की जय !
In those running the facebook social Vebwait FB cent of people would not even know that it ‘s founder Mark Jukrberg rather Divya Narendra expatriates . Indian Divya Narendra more familiar name.
Divya Narendra Aprawasi of just 29 years old living in USA are Indians . His parents are settled in USA since a long time ago . Divine was born in New York on March 18, 1982 . U.S. citizenship is obviously too close to the divine . Profession, his parents are doctors . Conservatives . Introverted . The other Indian parents wanted to become doctors they like, divine , was not acceptable to the divine . Inside his dream of becoming a Antrprinyor .
The Harvard Connection social site Facebook was born during the manufacturing process . Divine Connection Project at Harvard had gone further . Long after he joined the Jukrberg oral agreement . He has cunningly hijacked the project and after having duly registered domain name that Facebook has worn the projects implemented . Meanwhile, the divine and colleagues Jukrberg was reduced to prickly . University management has intervened in the case and the Court advised divine .
Divine against the Jukrberg sued in a court of the United States in 2004 . Divine judgment came in favor of their friends . Had to pay $ 650 million as damages to Jukrberg , but God was not satisfied . He argued that the market price of shares of Facebook at the time was , according to him was never compensated .
He said Facebook’s current market value based on the amount of compensation should be fixed . Goldman recently snatch the market value of Facebook was valued at $ 50 billion . He sued again in 2008 , but only to the U.S. court upheld an earlier ruling . U.S. Court ruling looked in the mirror today, Mark Jukrberg then famously showed , Divya Narendra its rightful owner was the real creator of facebook .
So the people who know our real Indian history will understand it very easily steal inventions made by Indians called his old habit of British diffuse in the world is That theory course Gurutvkarsn rule , creating mercury , creating paper , Bapu Talpade Plastik surgery or flying an airplane or by telephone by Jagadish Chandra Bose to build it! Hundreds of such inventions ! Finally facebook or by Divya Narendra brother to build it! All British pasted his name was stolen from the Indians !
The information transferred to every Indian !
Proud to be Indian !
harshad30.wordpress.com