Sunday, September 13, 2015

मुस्लिम सिख ईसाई आपस मे सब भाई भाई--इससे बड़ी मूर्खता क्या होगी ?, Muslim terrorism started by Mohammed.

"हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई आपस मे सब भाई भाई" नारा किसने दिया था ? यह नारा ही हिंदू और सिख मे फूट कराने वाला है क्योंकि हिंदू परिवार का बड़ा बेटा ही धर्म की रक्षा के लिए सिख बनता था | कृपया इस पर गंभीरता से सोच कर अपने विचार प्रकट करे |

ये तो समझ आता है के हिंदू, मुस्लिम, ईसाई पर सिखों को तुमने कहाँ से अलग बना दिया ? सिखों को हमारी गलती ने अलग बनाया मित्रों | सिख वह सिख जिस धर्म को गुरु गोविन्द सिंह जी ने शुरू किया उन्होंने कहा था "सकल विश्व में खालसा पंथ गाजे, जगे धर्म हिंदू सकल भंड भाजे" गुरु गोविन्द सिंह ने राम कि वंदना की है, गुरु गोविन्द सिंह ने चंडी चरित्र लिखा है, काली की उपासना की है, रामायण गुरुमुखी में लिखी |

आज गुरु ग्रन्थ साहिब उठाकर पढ़ो, पन्ने पन्ने पर राम अंकित है | उस पंथ को किसने अलग बना दिया | भूल गए वो इतिहास पंजाब में नारे गूजे है "मुस्लिम सिख भाई-भाई, हिंदू कौम कहाँ से आई" | तब हमारे दिमाग के अंदर ये बात क्यों नहीं आई की किसने गुरु तेग बहादुर की गर्दन कटवाई ? दिल्ली का शीशगंज गुरुद्वारा वहाँ हम जाते है शीश झुकाते है, उसका नाम शीशगंज क्यों है ? क्योंकि वहाँ बैठकर गुरु तेग बहादुर कि गर्दन कटी | जब औरंगजेब ने कहा था तुम इस्लाम स्वीकार करोगे तो तुम्हे छोड़ दिया जायेगा | लेकिन गुरु तेग बहादुर ने शीश दिया पर धर्म न त्यागा |

याद करे इतिहास अंगददेव तवे पर भून दिए गए, हमारे गुरु आरो से चीर दिए गए | आज मतिदास चौक बना हुआ है, आज लोग झगड रहे है मतिदास सिख था या हिंदू | अरे कोई भी था हिंदू था, गुरु का शिष्य था | वो गुरु जी राम की वंदना करते थे | उस मतिदास को आरे से चीर दिया गया | हमारा रक्तरंजित इतिहास है |

गुरुपुत्र जिन्हें सरहिंद में औरंगजेब ने खड़ा किया और कहा मुस्लिम धर्म स्वीकार करो | लेकिन नन्हे नन्हे उन बच्चो ने कहा हमे गुरु ग्रन्थ प्यारा है, हमे राम प्यारे है, हमे कृष्ण प्यारे है, यह भारत भूमि प्यारी है, हमे अपना हिंदू धर्म प्यारा है, वो बालक दीवारों में चुन दिए गए |

उन सिखों को आज इन नारों ने अलग बना दिया | अंग्रेजो में लार्ड मैकाले हुआ था, जिसने षड़यंत्र के तहत सिख धर्म स्वीकार किया और गलत तरीके से सिखों का इतिहास लिखा और बना दिया सिख हिंदू तो अलग अलग है | मुस्लिम सिख भाई भाई तो बताओ गुरु तेग बहादुर की गर्दन किसने कटवाई | गुरु पुत्रो के लिए दिवार किसने चिन्वायी | फिर भी नारा लगते है तो इससे बड़ी मूर्खता क्या होगी ?